Friday, November 19, 2010

जॉब करें या बिजनेस

कक्षा 10 वीं के बाद से ही अपने करियर को लेकर स्टूडेंट्स में संशय की स्थिति बनी ही रहती है। कई बार पढ़ाई अच्छी होने के कारण भी अच्छी जॉब और सैलेरी नहीं मिल पाती है और कई बार फैमिली बिजनेस होने के बाद भी युवा उस बिजनेस के भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं होता है।
ऐसे में युवा अपने करियर को लेकर तनाव व संशय की स्थिति में फँसा रहता है। लेकिन यह स्थिति तब आती है। जब हम प्रापर प्लानिंग किए बगैर ही कोई भी काम शुरू कर देते हैं। जॉब या बिजनेस यही विषय लेकर मैंने चर्चा की प्रोटॉन बिजनेस स्कूल के स्टूडेंट्स से। जिनकी प्लॉनिंग सुनकर मैं स्वयं हैरान हो गई। मेरे द्वारा की गई इस स्टोरी का प्रकाशन 18 नवंबर 2010 के नईदुनिया युवा में हुआ था।  

3 comments:

केवल राम said...

निर्भर करता है व्यक्ति की सोच पर ..शुक्रिया
चलते -चलते पर आपका स्वागत है

प्रवीण पाण्डेय said...

जिस क्षेत्र में व्यवसाय करना हो, पहले उस क्षेत्र में सीखने के लिये नौकरी कर लें। व्यवसाय कईयों का पेट पालता है, नौकरी एक का, अतः व्यवसाय श्रेष्ठ है।

charkli said...

आपने बिल्कुल सही कहा है प्रवीण जी। अनुभव के बगैर व्यवसाय में सफलता एक बहुत बड़ा रिस्क है। मार्केट की स्थिति को भाँपने और अपनी सोशियल नेटवर्किंग को मजबूत करने के लिए नौकरी करना बहुत जरूरी है।