Friday, August 19, 2011

विजयी भव अन्ना

अन्ना तेरी बात है कुछ निराली,
बापू की भाषा में तूने सरकार से बगावत कर डाली
तेरे ही रंग में रंग गया सारा हिंदुस्तान,
अंहिसा के अस्त्र ने इस दौर में भी दिखाया कमाल
माथे पर सफेद टोपी और अधिकारों के लिए उठते हाथ,
पहली बार सुनी है मैंने सड़कों पर आमजन की आवाज
'विजयी भव अन्ना'
                 - गायत्री शर्मा

2 comments:

विवेक सिंह said...

अन्ना का पन्ना
इतिहास में जुड़ गया

charkli said...

शुक्रिया विवेक जी।