Friday, April 15, 2011

खामोशी की खामोशी से बातें


आओ करे खामोशी से बातें
खो जाएँ उस शून्य में
जिसका विस्तार है अनंत
आओं करे खामोशी से बातें

शब्द का शोर भूलकर
अँधेरे की खूबसूरती में खोकर
खोले दिल के राज
कह दो आज तुम भी
मन की पोटली में छुपी प्यारी सी बात
आओ करे खामोशी से बातें

समझे आँखों के ईशारे
जो ले चले हमें रिवाजों से परे
चलो सनम हम चले वहाँ 
जहाँ न हो कोई तीसरी आँख
दो आँखे ही कहे और समझे
दिल से दिल की कही बात
आओ करे खामोशी से बातें

बैठे उस आम के पेड़ की गोद में
जिसकी पत्तियों की सरसराहट में
छुपी है मधुर संगीत की धुन
जिसके फलों से टकराकर पत्तियाँ
बजती हो ऐसे जैसे जलतरंग
सी‍खे उस आम से
प्रेम की ठंडक का अहसास
आओ करे खामोशी से बातें

मेरे आँचल में छुप जाओं तुम इस तरह
जैसे छुपा हो चाँद बादलों की ओट में
शरमाई सी अलसाई सी हवा भी
हमसे ऐसे लिपट जाएँ
जैसे हो रहा हो
धरा और गगन का मिलन
आओ करे खामोशी से बातें  

        - गायत्री शर्मा  

5 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

अपने मौन से बतियाना बड़ा भयपूर्ण हो जाता है। बड़ी सुन्दर कविता।

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

गायत्री जी
सादर अभिवादन !

पहली बार पहुंचा हूं आपके यहां नेट-भ्रमण करते करते …
बहुत अच्छा लगा आ'कर ।

प्रस्तुत रचना भी प्रभावित करने वाली है …
शब्द का शोर भूल कर
अधेरे की ख़ूबसूरती में खो'कर
खोलें दिल के राज़
कह दो आज तुम भी
मन की पोटली में छुपी प्यारी सी बात
आओ करे ख़ामोशी से बातें …


सुंदर रचना के लिए आभार और बधाई !
…और भी श्रेष्ठ सृजन के लिए मंगलकामनाएं हैं …

* श्रीरामनवमी की शुभकामनाएं ! *

- राजेन्द्र स्वर्णकार

: केवल राम : said...

आदरणीय गायत्री जी
सादर प्रणाम
आपने बहुत भाव पूर्ण पंक्तियाँ रची हैं ...आपका आभार
कभी मेरे ब्लॉग www.chalte-chalte.com पर भी अपना मार्गदर्शन दीजिये ...आपका आभारी रहूँगा ...!

हरीश सिंह said...

बहुत अच्छी पोस्ट, शुभकामना, मैं सभी धर्मो को सम्मान देता हूँ, जिस तरह मुसलमान अपने धर्म के प्रति समर्पित है, उसी तरह हिन्दू भी समर्पित है. यदि समाज में प्रेम,आपसी सौहार्द और समरसता लानी है तो सभी के भावनाओ का सम्मान करना होगा.
यहाँ भी आये. और अपने विचार अवश्य व्यक्त करें ताकि धार्मिक विवादों पर अंकुश लगाया जा सके., हो सके तो फालोवर बनकर हमारा हौसला भी बढ़ाएं.
मुस्लिम ब्लोगर यह बताएं क्या यह पोस्ट हिन्दुओ के भावनाओ पर कुठाराघात नहीं करती.

charkli said...

आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया। आपके विचार व सुझाव मेरे लिए बहुमूल्य है। कृपया आगे भी इसी तरह आप मेरा मार्गदर्शन करते रहे।