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23 फरवरी 2012 के नईदुनिया युवा में प्रकाशित युवा सर्वे

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23 फरवरी के नईदुनिया युवा में प्रकाशित बेटमा में हुई गैंग रेप की घटना

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बेटमा में हुई गैंग रेप की घटना। जिसने पशुता को मानवता पर हावी करके यह सिद्ध कर दिया कि आज भी इस देश में लड़कियाँ पूर्णत: सुरक्षित नहीं है। कभी राजनीति की आड़ में, कभी ग्लैमर की चकाचौंध में तो कभी रिश्तों व प्रथाओं के चंगुल में फँसकर हर दिन कुछ पाने के लिए महिलाओं को कुछ न कुछ उघाड़ना ही पड़ता है। बेटमा में 2 मासूम लड़कियों के साथ जो हुआ। उसकी कल्पना मात्र से ही मन सिहर उठता है और बार-बार यही कहता है कि ऐसा ईश्वर कभी किसी महिला के साथ न करे क्योंकि इन मासूमों की इज्जत केवल एक बार नहीं अब सालों तक हजारों बार उतारी जाएगी फिर चाहे वह तीखे तानों के तीर हो या सामाजिक अपमान का दंश। दिल करता है ले आओ इन दरिंदों को चौराहों पर, उतारों इनकी आबरू, चलाओं इन पर कोड़े, बना दो इन्हें नपुसंक और कर दो इनका समाज से बहिष्कार। ताकि इन मासूमों की पीड़ा का रंच मात्र भी अहसास इन लोगों को हो। मेरे मन में धधकती आग शायद हर औरत के दिल की आवाज होगी और हम सभी एकजुट होकर ऐसा अभियान चलाएँगे ताकि भविष्य में प्रेम की पवित्रता, रिश्तों में सम्मान, मानवता व पारिवारिक संस्कार सालों तक जिंदा रहे। कल को आपकी बहन, बेटी, दोस...