नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी का मंदिर
- डाॅ. गायत्री शर्मा भक्तों की संकटहरणी और ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का काल बनकर उन्हें मन, वचन और वाणी से वश में करने वाली पीताम्बरा माँ बगलामुखी के दर्शन कर मन प्रसन्न हो गया। दिव्य तेज वाला माँ पीताम्बरा का विग्रह दर्शन मात्र से ही भक्तों के कष्टों को हर लेता है। यह माँ का चमत्कार ही है कि घर में अग्नि के संपर्क में आते ही हमारे नाक गला, मुँह और आंखों को जलाने वाली साबुत लाल मिर्च भी नलखेड़ा के इस पावन स्थल पर आकर अपनी प्रकृति को भूल जाती है व किसी को हानि पंहुचाए बगैर हवन कुंड में धू-धू कर राख बन शत्रुओं का काल बन जाती है। यहीं कारण है कि माँ पीताम्बरा के इस धाम में मनोकामनापूर्ति हेतु मिर्च का हवन किया जाता है। देश के सुदूर कोनों से भक्तजन अपने कष्टों का निवारण पाने व शत्रु के भय व वार से अपनी रक्षा की चाह में मां बगलामुखी की शरण में आते हैं। यह मां की अपनी संतानों के प्रति ममता ही है कि लोग यहां खाली झोली लेकर आते हैं और मां की कृपा से प्रसन्न मन से अपनी झोलियां खुशियों से भरकर इस दरबार से वापस जाते है। पीले रंग के सुंदर मंदिर मे...